ज़रा आहिस्ते Zara aahiste
ज़रा आहिस्ते,
दिल ये हमारा है,
दिखता ये क़ामिल, पर अधूरा है।
तेरे इश्क़ में, आज भी डूबा है,
ये आंसुओं से, अब भी भीगा है,
ज़रा आहिस्ते,
दिल ये हमारा है,
तेरी ख्वाहिशों को,
अपनी किया है,
तेरे ही खातिर ये, खुद से लड़ा है।
तू जो मिला था, कुछ दिन उजला था,
फिर तेरे जाने से, रात का नशा है,
इन यादों का सहारा है,
तू ही तोह किनारा है,
तर के अब ये, खुद कुछ खारा है।
ज़रा आहिस्ते,
दिल ये हमारा, आखिर तुम्हारा है।
दिल ये हमारा है,
दिखता ये क़ामिल, पर अधूरा है।
तेरे इश्क़ में, आज भी डूबा है,
ये आंसुओं से, अब भी भीगा है,
ज़रा आहिस्ते,
दिल ये हमारा है,
तेरी ख्वाहिशों को,
अपनी किया है,
तेरे ही खातिर ये, खुद से लड़ा है।
तू जो मिला था, कुछ दिन उजला था,
फिर तेरे जाने से, रात का नशा है,
इन यादों का सहारा है,
तू ही तोह किनारा है,
तर के अब ये, खुद कुछ खारा है।
ज़रा आहिस्ते,
दिल ये हमारा, आखिर तुम्हारा है।
-Krishh (With an extra 'h')
Zara aahiste,
dil ye humara hai,
dikhta ye kamil, pr adhura hai.
Tere ishq me, aaj bhi ye dooba hai,
ye aansuon se, aaj bhi bheega hai,
Zara aahiste,
dil ye humara hai,
Teri khwahishon ko, apni kiya hai,
tere hi khatir, khud se lda hai.
Tu jo mila tha, kuch din ujaala tha,
fir tere jaane se, raat ka nasha hai.
In yaadon ka sahara hai,
tu hi toh kinara hai,
tr k ab ye, khud kuch khaara hai,
Zara aahiste,
dil ye humara, aakhir tumhara hai.
-Krishh (With an extra 'h')
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